प्रशांत पंड्या का फिला जगत

डाक टिकट संग्रह के सर्व प्रथम हिन्दी ब्लॉग में आपका स्वागत है | इस माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय भाषा में डाक टिकट संग्रह के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने का यह एक प्रयास है |


हम में से बहुत लोग ऐसे होंगे जिन्हें बचपन में डाक टिकट संग्रह करने का शौक होगा | मैंने अपने बचपन में डाक टिकट संग्रह के साथ बहुत घंटे बिताए और आज भी यह शौक मेरे चहेरे पर मुस्कान बनाये रखता है |

बचपन में अकसर हर एक व्यक्ति को डाक टिकट, सिक्के या गुडिया जैसी अन्य चीजें एकत्र करने का उत्साह होता है पर आमतौर पर वयस्क होने पर अन्य ज़िम्मेदारियोँ की वजह से उनका उत्साह कम हो जाता है या शौक स्थानांतरित हो जाता है |

डाक टिकटों का संग्रह एक ऐसा आकर्षक शौक है जिसे आप अपनी जीवन शैली और परिस्थितियों के अनुसार अनुकूलित कर सकते हैं | डाक टिकट संग्रह के शौक की वजह से आप जीवन भर आनंद का अनुभव कर सकते है |

अधिकांश बच्चें पशु (animals), लोग (people), फूल (flower) और दुनिया भर की घटनाओं (events) के रंगीन और खूबसूरत चित्रों से सजाया डाक टिकटों से प्यार करते हैं | हर साल टिकटों में कुछ न कुछ परिवर्तन आता है और प्रत्येक देश के डाक टिकटों में कुछ अलग होता है |

डाक टिकटों की एक छोटी सी ढेर बच्चों को मनोरंजन के कई घंटे प्रदान कर सकता हैं। डाक टिकटों को एकत्रित करना बच्चों के लिये न केवल एक सुखद शौक रहा है पर यह शौक बच्चों को ज्ञान प्रदान करने में भी मदद करता है | डाक टिकटों का संग्रह एक प्राकृतिक शिक्षण उपकरण है जो बच्चों को टिकटों के संग्रह की मज़ा के साथ ज्ञान प्रदान करता है (Collecting postage stamps is a natural teaching tool for kids, it provides education with entertainment। Hobby of collecting stamps is an edutainment)

डाक टिकट संग्रह एक देश के विरासत की चित्रमय कहानी है और डाक टिकट संग्रह का शौक अथाह ज्ञान का दरवाजा खोलता है | डाक टिकटों के जरिये बच्चे अन्य देशोंकी संस्कृति (culture), उस देश का इतिहास (history), भूगोल (geography), उनकी भाषा (language), उनकी मुद्रा (currency), उस देशके महानुभवो (personalities) के बारे में और अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते है |

बडे होने पर डाक टिकट संग्रह का यह शौक बच्चोंके लिये शायद चयनात्मक विषय (selective subject) हो जाएगा और उनका उत्साह भी बढ जायगा | वे टिकटों के बारे में अधिक जानकारी के लिए टिकटों के वेबसाइटों को ब्राउज़ करना शुरु कर देंगे जिससे उनके ज्ञान में और बढोतरी होगी |

इस शौक के बारे में महान बात यह है कि यह हर उम्र के लोगों को मनोरंजन प्रदान करता है | यह शौक बचपन में आनंद एवं मनोरंजन, वयस्कों में तनावमुक्ति और बड़ी उम्र में दिमाग को सक्रियता प्रदान करता है | इस तरह सभी पीढ़ियों के लिये डाक टिकटों का संग्रह एक प्रेरक और पुरस्कृत शौक है |

अपने बच्चों को कुछ डाक टिकट देकर इस शौक की शुरूआत कराएं जो उनको बुढ़ापे में भी उन्हे प्रवृतिशील एवं प्रगतिशील रखेगा ।

3 comments:

मनोज ने कहा…

खुबसूरत ब्लॉग। आप के फिला जगत को अभिनंदन ।

प्रशांत जी, आपका ब्लाग बहुत पसंद आया। मैंने बचपन में डाक टिकटों के माध्यम से कई विदेशी भाषाओं और उनकी संस्कृति के बारे में जाना था। एक रूसी महिला को ट्रेन में एक किताब पढ़ते देखा था, तो उसका शीर्षक मैंने बता दिया था, उसके बाद कई घंटे उनसे बात हुयी। हर देश की डाक-टिकटें थीं मेरे पास, लेकिन फिर बाद में सिर्फ भारतीय टिकटें जमा करना शुरू किया। जब तक मैं दिल्ली में था, प्रगति मैदान में हर साल लगने वाली डाक-टिकट प्रदर्शनी में जाकर साल भर गुल्लक में जमा पैसों से टिकटें खरीदता था। वे भी क्या दिन थे!

Dear Prashant Ji, Whatsoever I comment will be not sufficient. Just I sumup by "WONDERFUL'.